रेल मंत्रालय का बड़ा फ़ैसला वेटिंग टिकट से यात्रा बंद waiting ticket new rules

वेटिंग टिकट

Waiting ticket new rules:- रेलवे से संबंधित एक महत्वपूर्ण अपडेट है जिसे मैं विस्तार से बता रहा हूं। यह जानकारी आपके लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, खासकर यदि आप या आपके परिवार के सदस्य रेलवे से यात्रा करते हैं। इस आर्टिकल को अंत तक पढ़ें ताकि आप किसी भी संभावित समस्या से बच सकें।

पहले की स्थिति

पहले, यदि आपने वेटिंग टिकट ऑनलाइन बुक किया था और वह टिकट कन्फर्म नहीं हुआ था, तो वह टिकट ऑटोमेटिकली कैंसिल हो जाता था और आपके पैसे वापस आपके अकाउंट में आ जाते थे। यह प्रक्रिया चार्ट बनने से पहले होती थी। लेकिन अगर आपने यह टिकट रेलवे स्टेशन के काउंटर से लिया था, तो वह टिकट कन्फर्म हो या न हो, आप उस वेटिंग टिकट पर यात्रा कर सकते थे।

वर्तमान स्थिति

अब रेलवे मंत्रालय ने एक नया नियम लागू किया है: कोई भी व्यक्ति किसी भी प्रकार का वेटिंग टिकट पर यात्रा नहीं कर सकता है, चाहे वह टिकट ऑनलाइन लिया हो या काउंटर से। यदि आपका वेटिंग टिकट कन्फर्म नहीं हुआ है, तो:

  1. ऑनलाइन टिकट: यह ऑटोमेटिकली कैंसिल हो जाएगा और आपके पैसे वापस आपके अकाउंट में आ जाएंगे।
  2. काउंटर टिकट: आपको इसे कैंसिल कराने के लिए काउंटर पर जाना होगा। अगर आप इसे कैंसिल नहीं कराते हैं, तो आपको उस टिकट पर जनरल बोगी में यात्रा करने की अनुमति होगी।

नया नियम क्यों लागू हुआ?

इस नए नियम के पीछे मुख्य कारण यह है कि स्लीपर बोगियों में जनरल टिकट के यात्रियों की भीड़ बढ़ती जा रही थी। कन्फर्म टिकट वाले यात्रियों को भीड़ के कारण यात्रा में असुविधा होती थी और उन्हें उनके भुगतान किए गए पैसे का पूरा मूल्य नहीं मिल रहा था। साथ ही, वेटिंग टिकट वाले यात्रियों को भी यात्रा में परेशानी होती थी।

नए नियम का प्रभाव

  • स्लीपर बोगी में यात्रा: अब, वेटिंग टिकट पर स्लीपर बोगी में यात्रा नहीं की जा सकती। अगर आप स्लीपर बोगी में पाए जाते हैं, तो आपका चालान होगा और आपको जनरल बोगी में जाना होगा।
  • जनरल बोगी में यात्रा: आप वेटिंग टिकट के साथ जनरल बोगी में यात्रा कर सकते हैं।
  • ऑनलाइन टिकट: ऑटोमेटिक कैंसिलेशन और पैसे की वापसी।
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वेटिंग टिकट कन्फर्म कैसे होता है

वेटिंग टिकट कन्फर्म होने के लिए विभिन्न प्रक्रियाएँ होती हैं, जो आमतौर पर ट्रैन या अन्य सार्वजनिक परिवहन सेवाओं में लागू होती हैं। यहां कुछ मुख्य कारक हैं जो वेटिंग टिकट को कन्फर्म कर सकते हैं:

  1. कैंसलेशन्स और रिफंड्स: अगर कोई पहले से बुक किए गए यात्री अपनी यात्रा को कैंसल करता है या टिकट रद्द हो जाता है, तो उस टिकट की सीट वेटिंग लिस्ट में चली जाती है। यदि कोई इस यात्रा को कैंसल करता है, तो उसकी सीट वेटिंग लिस्ट से समाप्त होती है और वेटिंग यात्री को सीट मिल सकती है।
  2. रिलीज़िंग एक्सट्रा सीट्स: कई बार, जब यात्री अपनी यात्रा कैंसल करते हैं या अन्य कारणों से यात्रा नहीं कर पाते हैं, तो वेटिंग यात्री को सीट मिल सकती है। यह सीट उसको ऑटोमेटिक रूप से अलॉट होती है, जैसे कि यात्रा की दिनांक के पहले या स्टेशन पर।
  3. अतिरिक्त कोच या ट्रेनें: कई बार, विशेष यात्रा सीजन में या यातायात की भरमार में, ऑपरेटर अतिरिक्त कोच जोड़ सकते हैं या अन्य ट्रेनें चला सकते हैं ताकि ज्यादा यात्री समाहित हो सकें। इससे वेटिंग यात्री को सीट मिलने की संभावना बढ़ सकती है।

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